कोविड-१९: भारतीय अन्तरदेशीय प्रवासी श्रमिक समस्या-उन्मूलन हेतु सुझाव, राष्ट्रीय वेबिनार [२९ -३० जून]: पंजीकरण खुला है

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महिला महाविद्यालय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी कोविड-१९ : भारतीय अन्तरदेशीय प्रवासी श्रमिक समस्या-उन्मूलन हेतु सुझाव दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन कर रहे हैं

कोविड -१९

कोरोना महामारी ने विश्व के विकसित, अविकसित, तथा विकासशील देशों को पतन के कगार पर खड़ा कर दिया है । यहाँ तक कि आधुनिकतम एवं तकनीकी सुविधाओं से परिपूर्ण देश जैसे अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, एवं फ्रांस ने भी कोरोना महामारी के चलते अपने घुटने टेक दिये हैं । भारतीय संदर्भ में सभ्यता की दॄष्टि से दो महत्वपूर्ण स्थितियाँ हैं  –प्रथम, इस विपत्ति के समय नगरीय जीवन व्यवस्था में प्रवासी श्रमिकों को सहेजने, सम्हालने, रखने के लिए शहर तैयार नहीं है  जिनके श्रम से शहर की चकाचौंध बनती है ।

द्वितीय, गांव तो आज भी उन श्रमिक प्रवासियों को स्वीकार करने के लिए खड़ा है जो कुछ अधिक सुख सुविधाओं के लिए शहर, नगर, महानगर में जा बसे। भारत में दिल्ली, मुम्बई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बैंगलुरू, आदि स्थानों में बसे हुए प्रवासी श्रमिकों का जीवन सामाजिक, आर्थिक व्यवस्था में शून्य मान लिया जाता है, अर्थात् इनके जीवन की कोई गिनती नहीं है। आज पहली बार मानव सभ्यता ने अनुभव किया है कि विकसित होना किसी राष्ट्र के लिए पर्याप्त सुख की कसौटी नहीं है, बल्कि अपने मूल से जुड़े रहना आवश्यक है ।

धरती के हजारों साल का अनुभव विकसित प्रणाली के साथ स्वीकार कर मानव सभ्यता का विकास करना ही श्रेष्ठतम  है । भारतीय सभ्यता और संस्कृति कृषि प्रधान है । इन्ही गांव और कृषि से जुड़े प्रवासी श्रमिकों की स्थिति जटिल हो गयी  है । ऐसी परिस्थिति में देशव्यापी लॉकडाउन के प्रथम चरण से ही उनके रोजी- रोटी  का संकट गहराने लगता है और लॉकडाउन के चौथे चरण से इन प्रवासी श्रमिकों की वापसी अपने गांव, घर की ओर हो गयी है ।

रास्ते में अनेक विपत्तियों का सामना करते हुए जब वे अपने घर पहुंचते हैं तो, वहां भी उन्हें रोटी, कपड़ा, मकान, चिकित्सा, रोज़गार का कोई साधन और अवसर नहीं है । ऐसी परिस्थिति में मानवता अपने चरम संकट में है । यह दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार एक मंच होगा जहां साहित्यकार, अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री, चिकित्सक, जनसंचार  विशेषज्ञ, विद्वान  , अध्येता अपने चिंतन को प्रवासी श्रमिकों की समस्या के समाधान के लिए अपने सुझाव साझा करेंगे । उनके विचार एवं सुझाव कोविड-१९ से उपजी भारतीय अन्तरदेशीय प्रवासी श्रमिक समस्या को हल करने में सहायक सिद्ध होंगे ।

दिनांक: २९ -३० जून, २०२० 

समय : २.००-५.०० अपरान्ह 

विमर्श के बिन्दु

    • भारतीय अन्तरदेशीय प्रवासी श्रमिक समस्या-उन्मूलन हेतु सुझाव साहित्यकार की दॄष्टि में  
    • भारतीय अन्तरदेशीय प्रवासी श्रमिक की आर्थिक एवं स्वदेशी रोजगार की समस्या-उन्मूलन हेतु सुझाव अर्थशास्त्री की दॄष्टि में 
    • भारतीय अन्तरदेशीय प्रवासी श्रमिक की समस्या-उन्मूलन हेतु सुझाव समाजशास्त्री की दॄष्टि में
    • भारतीय अन्तरदेशीय प्रवासी श्रमिक की स्वास्थ जनित समस्या-उन्मूलन हेतु सुझाव चिकित्सक की दॄष्टि में
    • भारतीय अन्तरदेशीय प्रवासी श्रमिक की समस्या-उन्मूलन में जनसंचार की भूमिका 

पंजीकरण प्रक्रिया 

  1. पंजीकरण पूर्णतः नि:शुल्क है ।
  2. पंजीकरण फॉर्म भरने के इस लिंक को स्पर्श करें ।  
  3. पंजीकरण की अंतिम तिथि २७/०६/२०२० रात्रि १२.०० बजे तक है । 
  4. सीट की संख्या सीमित है तथा सीट भरने पर पंजीकरण अंतिम तिथि से पहले बंद किया जा सकता है ।   
  5. सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को फीडबैक फॉर्म भरने के बाद ही ई-प्रमाणपत्र दिये जायेगें ।
  6. वेबिनार Facebook और  Youtube पर लाइव प्रसारित किया जायेगा ।
  7. पंजीकृत प्रतिभागियों को कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी ईमेल/टेलीग्राम के माध्यम से दी जायेगी ।     

वेबिनार से सम्बंधित ताजा जानकारी के लिए अपने मोबाइल में टेलीग्राम एप डाउनलोड करे तथा इस लिंक को स्पर्श कर टेलीग्राम समूह से जुड़े:

पूरी जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें ।

कोविड-१९ : भारतीय अन्तरदेशीय प्रवासी श्रमिक समस्या-उन्मूलन हेतु सुझाव राष्ट्रीय वेबिनार

 

 

 

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